ममता की जिद को राज्यपाल का जवाब, पश्चिम बंगाल विधानसभा को किया भंग
बंगाल के गवर्नर आर.एन. रवि ने कैबिनेट को भंग कर दिया है। इसका मतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी अब इस पूर्वी राज्य की मुख्यमंत्री नहीं हैं।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासत में बुधवार को बड़ा भूचाल आया। गवर्नर RN रवि ने विधानसभा भंग कर दी है। इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार का कार्यकाल आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है। इस्तीफा देने से इनकार कर रहीं ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं रहीं।
संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत लिया फैसला
दरअसल गवर्नर ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल किया। आधिकारिक नोटिस में RN रवि ने कहा, “मैं 7 मई, 2026 से पश्चिम बंगाल की विधानसभा भंग करता हूं।” तृणमूल सरकार का कार्यकाल बीते मंगलवार (05 मई 2026) को पूरा हो गया था।
क्या है अनुच्छेद 174(2)(b)?
संविधान का अनुच्छेद 174 राज्य विधायिका पर गवर्नर की शक्तियों से जुड़ा है। खंड 2 कहता है कि गवर्नर समय-समय पर सदन का सत्रावसान कर सकते हैं या विधानसभा भंग कर सकते हैं। सत्रावसान का मतलब है कि सदन का सत्र खत्म करना, बिना विधानसभा भंग किए। बाद में नया सत्र बुलाया जा सकता है। वहीं विघटन का मतलब है विधानसभा को पूरी तरह भंग करना, जिसके बाद नए चुनाव होते हैं।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
आपको बताते चलें कि 71 साल की ममता बनर्जी अपनी कुर्सी पर डटी रहीं। उन्होंने BJP की जीत को वोटों की लूट और EVM में गड़बड़ी का नतीजा बताया। ममता का आरोप है कि चुनाव आयोग ने भगवा खेमे के साथ मिलकर TMC को सत्ता से हटाया। उन्होंने कहा कि BJP ने अनैतिक तरीके से जीत दर्ज की है।
अब गवर्नर संभालेंगे अंतरिम प्रभार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में भारत सरकार के पूर्व सचिव जवाहर सरकार ने बताया कि अब नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक गवर्नर ही राज्य का अंतरिम प्रभार संभालेंगे। चुनाव नतीजों के बाद से बंगाल में सियासी ड्रामा तेज है। TMC का दावा है कि 100 सीटों पर वोटों की लूट हुई। इन सीटों पर उनके उम्मीदवार शुरू से आगे चल रहे थे।
हिंसा में 5 से ज्यादा मौतें
गौरतलब है कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए सैकड़ों केंद्रीय बल तैनात थे। फिर भी कई इलाकों में चुनाव के बाद हिंसा भड़क गई। अब तक 5 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इनमें BJP के CM पद के दावेदार सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ भी शामिल हैं। मध्यमग्राम में उन्हें करीब से गोली मारी गई थी।


