बिहार में फांसी पर लटके मिले एक परिवार के चार सदस्य, कर्नाटक का रहने वाली थी फैमिली, कमरे से क्या-क्या मिला?

राजगीर की दिगंबर जैन धर्मशाला में कर्नाटक के एक परिवार के चार सदस्य (78 वर्षीय महिला, बेटा 50, दो बेटियां 48 व 43) कमरे में फांसी पर लटके मिले. 25 स्ट्रिप्स नींद की गोलियां बरामद. पुलिस ने सामूहिक आत्महत्या का संदेह जताया, SIT गठित, पोस्टमार्टम जारी.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

पटनाः बिहार के नालंदा जिले में राजगीर शहर की एक धर्मशाला में एक परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत ने सबको स्तब्ध कर दिया है. कर्नाटक से आए इन पर्यटकों को उनके कमरे में फांसी पर लटका पाया गया. पुलिस का प्रारंभिक अनुमान सामूहिक आत्महत्या का है, लेकिन जांच अभी जारी है.

कमरे की बदबू ने खोला राज

यह घटना राजगीर के दिगंबर जैन धर्मशाला में हुई, जो बौद्ध और जैन तीर्थयात्रियों के लिए प्रसिद्ध है. कमरा जीआर नागा प्रसाद के नाम पर बुक था. शुक्रवार सुबह करीब 9:40 बजे धर्मशाला प्रबंधक को कमरे से तेज बदबू आने की सूचना मिली. तीन दिन से कमरा अंदर से बंद था. प्रबंधक ने राजगीर पुलिस को सूचित किया. पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा तो भयावह नजारा सामने आया. चारों लोग फांसी पर लटके हुए थे.

मृतकों की पहचान कर्नाटक के तुमकुर जिले के गुब्बी निवासी जीआर सुमंगला (78 वर्षीय बुजुर्ग महिला), उनके बेटे जीआर नागा प्रसाद (50), बेटियों शिल्पा जीआर (48) और श्रुता जीबी (43) के रूप में हुई. ये सभी एक ही परिवार के थे. पुलिस ने मोबाइल फोन और दस्तावेजों से उनकी पहचान की पुष्टि की.

नींद की गोलियां

घटना स्थल पर पुलिस ने गहन जांच की. डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम ने जगह का निरीक्षण किया. फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के बाद शवों को नीचे उतारा गया. कमरे से 25 स्ट्रिप्स नींद की गोलियां (स्लीपिंग पिल्स), आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, 1 लाख 18 हजार रुपये नकद और अन्य सामान बरामद हुआ. कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि महिलाओं के हाथ पीछे बंधे और मुंह टेप से बंद थे, जो मामले को और रहस्यमयी बनाता है.

राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि कमरा अंदर से बंद था और बदबू के कारण शक हुआ. नालंदा एसपी ने सभी पहलुओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है. दो सदस्यीय टीम कर्नाटक के गुब्बी भेजी गई है ताकि परिवार से संपर्क कर पूरी जानकारी ली जा सके. कर्नाटक पुलिस की मदद से परिजनों को सूचित किया गया है.

पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

चारों शवों को बिहार शरीफ के सदर अस्पताल भेजा गया, जहां मेडिकल बोर्ड की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि मौत का सटीक कारण और समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा. प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का संकेत मिल रहा है, लेकिन नींद की गोलियों की बड़ी मात्रा और अन्य परिस्थितियां जांच को गहराई दे रही हैं.

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