पुराना क्रूज, 41 यात्री, तेज लहरें और 13 लाशें...क्रूज हादसे में आखिरी लापता 2 व्यक्तियों का शव बरामद

जबलपुर के बरगी डैम पर हुए एक दर्दनाक हादसे में कई जानें गई है. 20 साल पुराना क्रूज तेज लहरों के कारण पलट गया, जिसके बाद राहत बचाव के दौरान तुरंत 13 शव बरामद हुए, बाकि बचे 2 आज बरामद कर लिया गया है.

Sonee Srivastav

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर एक दर्दनाक हादसा हुआ. सैर-सपाटे पर निकले परिवार कुछ ही पलों में मौत की आगोश में समा गए. राज्य पर्यटन विभाग का 20 साल पुराना क्रूज पलट गया, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई. चार दिन की तलाश के बाद रविवार सुबह आखिरी दो लापता शव बरामद कर लिए गए.

तूफान ने बदल दी सैर की मंजिल

गुरुवार शाम क्रूज पर 41 यात्री सवार थे. पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में 43 लोग क्रूज की ओर जाते दिखे. क्रूज पानी में उतरा तो मौसम अचानक बदल गया. तेज हवाएं चली और तूफान आ गया. पुराना क्रूज लहरों के सामने टिक नहीं सका और पलट गया.

हंसी-मजाक का माहौल पल भर में चीख-पुकार में बदल गया. कई लोग लाइफ जैकेट के सहारे तैरते रहे, लेकिन तेज लहरों ने कई को बहा लिया. स्थानीय लोगों, पुलिस और बचाव टीम ने तुरंत मदद शुरू की. 28 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 13 लोग लापता हो गए.

आज आखिरी शव मिले

रविवार सुबह बरगी डैम की लहरों पर दो शव तैरते दिखे. इनमें 5 साल का मासूम मयूरम और उसके चाचा कमराज शामिल थे. कमराज आर्मी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करते थे. दोनों शवों को बाहर निकाला गया. परिवार वालों की चीखें आसमान छू रही थी. इस घटना के साथ ही 13 मौतों का आंकड़ा पूरा हो गया.

चार दिनों तक चली तलाश में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें लगी रही. आगरा से आर्मी डाइवर्स को भी बुलाया गया. दिन-रात डैम की गहराई में खोज चलती रही.

सुरक्षा पर उठे सवाल

यह क्रूज 20 साल पुराना था. लोग पूछ रहे हैं कि तूफान की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में क्यों उतारा गया? क्या यात्री संख्या ज्यादा थी? क्या जहाज की फिटनेस जांच की गई थी? हादसे के बाद राज्य सरकार ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए. क्रूज के तीन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया. साथ ही पूरे राज्य में पुराने क्रूज और जहाजों के संचालन पर रोक लगा दी गई है. 

परिवारों पर छाया दुख

एक छोटी सी सैर पूरे परिवारों की जिंदगी बदल गई. 5 साल के मयूरम की किलकारियां अब घर में गूंजेंगी नही. कमराज का परिवार सदमे में है. यह त्रासदी उन 13 परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव बन गई है.

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