पंजाब बनेगा खालिस्तान, स्कूल और कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की मिली धमकी, निशाने पर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान
आज तड़के सुबह चंडीगढ़ और जालंधर के कई स्कूलों, सरकारी इमारतों और कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी ईमेल के जरिए भेजी गई. साथ ही अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की बात लिखी गई है.

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट के महज पांच दिन बाद सोमवार को एक बार फिर बड़े स्तर पर बम धमाकों की धमकियां मिली हैं. चंडीगढ़ और जालंधर के कई स्कूलों, सरकारी इमारतों और कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी ईमेल के जरिए भेजी गई. इन धमकियों में खालिस्तान से जुड़े नारे भी शामिल है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
सुबह 8 बजे मिली धमकी
सुबह करीब 8 बजे जालंधर के DPS स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और MGN स्कूल को ईमेल मिला. इसमें लिखा था कि “अपने बच्चों को बचाओ, पंजाब अब खालिस्तान बनेगा. बम और ग्रेनेड से हमला होगा.” चंडीगढ़ के सेक्टर-41, 32, 47 और 45 के स्कूलों को भी इसी तरह की धमकी मिली.
ईमेल में दावा किया गया कि स्कूलों में दोपहर 1:11 बजे बम फटेगा, मेयर ऑफिस में 2:11 बजे और सेक्रेटेरिएट में 3:11 बजे धमाका होगा. धमकी भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी बताया और लिखा, “चंडीगढ़ खालिस्तान बनेगा, जन-गण-मन बंद करो, देह सिवा बर मोहे शुरू करो.”
नेताओं और महत्वपूर्ण जगहों पर खतरा
ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, डीजीपी गौरव यादव, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को बम से उड़ाने की साफ धमकी दी गई. साथ ही अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को बम से नष्ट करने की बात कही गई.
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के गांधी भवन में रात 9:11 बजे ग्रेनेड हमले की भी चेतावनी दी गई. धमकी में कहा गया कि “खालिस्तान वोटों से या बम से बनेगा, मोदी सरकार को तबाह करेंगे.”
प्रशासन की कार्रवाई
धमकियां मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया. स्कूलों में बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ तलाशी शुरू की गई. फिरोजपुर कोर्ट कॉम्प्लेक्स में दोपहर दो बजे तक कामकाज रोक दिया गया और परिसर खाली करवा लिया गया.
चंडीगढ़ थाना सेक्टर-34 के एसएचओ सतिंदर ने बताया कि सभी जगहों पर चेकिंग पूरी कर ली गई है. अभी तक किसी भी जगह से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगा रहा है और जांच जारी है.
स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के माता-पिता में घबराहट फैल गई. कई जगहों पर अभिभावक अपने बच्चों को लेने पहुंच गए. हालांकि प्रारंभिक जांच में यह धमकियां झूठी साबित हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं.


