मिशन समर्थ 4.0 के उपस्थिति संबंधी सुधारों से पंजाब की शिक्षा क्रांति अब अगले मुकाम की ओर- हरजोत सिंह बैंस

पंजाब में शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने आज 'मिशन समर्थ 4.0' की शानदार शुरुआत की. अब अभिभावकों को अपने बच्चे की रोजाना क्लास की उपस्थिति SMS से सीधे मिलेगी.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

चंडीगढ़: पंजाब में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री तथा आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज मिशन समर्थ 4.0 की औपचारिक शुरुआत की. यह कार्यक्रम शिक्षा में वैश्विक स्तर की उत्कृष्टता लाने वाला प्रमुख बुनियादी प्रशिक्षण अभियान है. इस नई पहल के तहत राज्यव्यापी उपस्थिति ट्रैकिंग प्रणाली शुरू की गई है, जिसके जरिए अभिभावकों को अपने बच्चे की रोजाना उपस्थिति की जानकारी एसएमएस के माध्यम से मिलेगी. यह कदम क्लासरूम में जवाबदेही और बेहतर सीखने के माहौल को मजबूत करने की दिशा में पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

मिशन समर्थ 4.0 की शुरुआत

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस कार्यक्रम को पंजाब की शिक्षा क्रांति में अगली बड़ी छलांग बताया. उन्होंने कहा कि पंजाब, जो पहले ही परख सर्वेक्षण में पहले स्थान पर है, अब क्लासरूम जवाबदेही को और मजबूत करके रचनात्मक नतीजों की ओर बढ़ रहा है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान का शिक्षा पर विशेष फोकस

हरजोत सिंह बैंस ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा बजट बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए कर दिया है ताकि फंड फाइलों में अटके रहने की बजाय क्लासरूम तक पहुंचें. इससे सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे से लेकर नतीजों तक सार्थक बदलाव आएगा.

परख 2024 में पंजाब का शीर्ष स्थान

परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पंजाब के शीर्ष स्थान का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मिशन समर्थ 2026-27 के हिस्से के रूप में उपस्थिति ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत की है.

अभिभावकों को रोजाना SMS, गैर-उपस्थिति पर सख्त निगरानी

हरजोत सिंह बैंस ने कहा, अभिभावकों को उनके बच्चे की उपस्थिति के बारे में रोजाना एसएमएस प्राप्त होंगे और हर गैर-उपस्थिति की जानकारी भी दी जाएगी. इसका उद्देश्य नियमित उपस्थिति, सीखने की रुचि और विभिन्न गतिविधियों में बच्चे की भागीदारी बढ़ाना है. सात दिनों तक गैर-उपस्थित रहने वाले बच्चे से जिला स्तर पर अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा, जबकि 15 दिनों से अधिक गैर-उपस्थिति पर अभिभावकों को सूबे के मुख्य दफ्तर से संपर्क करना होगा. यह सीखने की निरंतरता और बच्चों की सुरक्षा दोनों को सुनिश्चित करेगा.

मिशन समर्थ ने क्लासरूम की नुहार बदल दी

कार्यक्रम की महत्ता पर जोर देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, मिशन समर्थ ने क्लासरूम की नुहार बदल दी है. यह चरण उपस्थिति ट्रैकिंग, बेहतर निगरानी और उत्कृष्ट अभ्यासों को साझा करके शिक्षा के मानक और जवाबदेही को बढ़ाने पर केंद्रित है. हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चे के लिए बुनियादी शिक्षा का आधार मजबूत हो.

शिक्षा बजट में अभूतपूर्व वृद्धि

मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपए कर दिया, जो पंजाब के किसी भी क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी आवंटन राशि है. यह पैसा सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि हर स्कूल तक पहुंच गया है.

स्कूलों में नई सुविधाएं और समय पर पाठ्यपुस्तकें

उन्होंने बताया कि 500 से अधिक विद्यार्थियों वाले हर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अब एक समर्पित कैंपस मैनेजर है, जबकि 100 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों को सुरक्षा गार्ड और सेनिटेशन स्टाफ प्रदान किया गया है. इस साल सरकार ने प्राइवेट स्कूल की तरह हर बच्चे को 1 अप्रैल तक पूरी पाठ्य-पुस्तकें मुफ्त उपलब्ध कराई हैं.

मिशन समर्थ 4.0 के मुख्य उद्देश्य

मंत्री ने कहा, यह कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चे पढ़ने, लिखने और गणित में महारत हासिल करें. उन्होंने एक विद्यार्थी के उदाहरण का जिक्र करते हुए बताया कि अब बच्चे आत्मविश्वास से बात कर रहे हैं और पंजाब बुनियादी शिक्षा में राष्ट्रीय औसत से काफी आगे पहुंच गया है.

मिशन समर्थ कंपेंडियम जारी

हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने मिशन समर्थ कंपेंडियम भी जारी किया, जिसमें पंजाब के शिक्षकों द्वारा विकसित 38 जांचे-परखे क्लासरूम अभ्यास शामिल हैं.

मनीष सिसोदिया का बयान

मनीष सिसोदिया ने कहा, पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं. परख 2024 में अव्वल होना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. मिशन समर्थ 4.0 के साथ राज्य यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर बच्चा हर रोज स्कूल जाए और पूरी लगन से कुछ सीखकर आए.

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