राजस्थान: सरकारी स्कूल में दूषित पानी पीने से 13 छात्रों की तबीयत बिगड़ी, शरीर पर दिखे लाल दाने
राजस्थान के बाड़मेर में एक सरकारी स्कूल में पानी पीने के बाद 13 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. अचानक हुई इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और पानी की गुणवत्ता को लेकर जांच शुरू कर दी गई है.

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल में सामान्य दिन अचानक अफरा-तफरी में बदल गया. एक सरकारी स्कूल में पानी पीने के कुछ ही देर बाद 13 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई. बच्चों को पेट दर्द, घबराहट और तेज खुजली जैसी समस्याएं होने लगीं, जिससे पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक यह घटना बाड़मेर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मेघवालों की बस्ती (सनावड़ा) की है.
शनिवार को ‘नो बैग डे’ होने के कारण बच्चे हल्के-फुल्के माहौल में स्कूल पहुंचे थे और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा ले रहे थे. इसी दौरान लंच ब्रेक में बच्चों ने स्कूल परिसर में मौजूद पानी के स्रोत से पानी पिया. पानी पीने के कुछ ही मिनटों बाद बच्चों ने असहज महसूस करना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे कई बच्चों ने पेट में दर्द, घबराहट और शरीर पर खुजली की शिकायत की. देखते ही देखते उनके हाथ, पैर और चेहरे पर लाल निशान उभर आए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई.
स्कूल प्रशासन में मची अफरा-तफरी
बच्चों की हालत बिगड़ती देख स्कूल प्रशासन तुरंत हरकत में आया. सभी प्रभावित बच्चों को बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया. प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए बाड़मेर के राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी में इलाज कर रही है. एक साथ इतने बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर मिलते ही स्कूल में हड़कंप मच गया और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई.
प्रशासन और अधिकारियों ने लिया संज्ञान
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के लोग तुरंत सक्रिय हो गए. अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) ने खुद अस्पताल पहुंचकर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी और इसकी असली वजह जल्द सामने लाई जाएगी.
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 10 बजे के आसपास हुई, जब बच्चों ने पानी पिया और उसके तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. इस घटना के बाद बच्चों के माता-पिता काफी चिंतित हैं. उन्होंने स्कूल प्रशासन से पानी की टंकियों की नियमित सफाई और सही देखभाल की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
पानी की गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना से सबसे बड़ा सवाल स्कूल में उपलब्ध पानी की गुणवत्ता को लेकर उठ रहा है. प्रशासन ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है. स्कूल की पानी की टंकी और अन्य पेयजल स्रोतों की बारीकी से जांच की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर भेजा जा रहा है, जो पानी के सैंपल लेकर उसकी जांच करेगी. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं पानी में कोई जहरीला तत्व, रसायन या जीव तो नहीं मिल गया था, जिसकी वजह से बच्चों को एलर्जी और अन्य समस्याएं हुईं.


