Ram Janmotsav: राम नवमी पर अयोध्या में ऐतिहासिक उत्सव, सूर्य की किरणें करेंगी रामलला का अभिषेक

अयोध्या में रामलला का तीसरा जन्मोत्सव भव्य रूप से मनाया जा रहा है. दोपहर 12 बजे जन्म के साथ सूर्य तिलक का अद्भुत दृश्य दिखेगा. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन समय बढ़ाया गया है और व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं.

Shraddha Mishra

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या इस समय भक्ति, उत्साह और श्रद्धा के रंग में पूरी तरह डूबी हुई है. हर तरफ जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे हैं और दूर-दूर से आए श्रद्धालु अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव को मनाने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं. इस साल रामलला के तीसरे जन्मोत्सव को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है, जिससे पूरी नगरी का माहौल दिव्य और अद्भुत हो गया है.

राम मंदिर अयोध्या और रामजन्मभूमि परिसर को बेहद सुंदर तरीके से सजाया गया है. हर कोना रोशनी और फूलों से सजा हुआ है, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है. श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं.

दोपहर 12 बजे होगा रामलला का जन्म

शुक्रवार को ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के जन्म का पावन क्षण आएगा. इस समय पूरा माहौल उल्लास और भक्ति से भर जाएगा. खास बात यह है कि जन्म के समय सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी, जिसे ‘सूर्य तिलक’ कहा जाता है. यह अद्भुत दृश्य करीब 4 से 5 मिनट तक देखने को मिलेगा, जिसकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं.

दर्शन का समय बढ़ाया गया

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय भी बढ़ा दिया गया है. अब भक्त सुबह 5 बजे से मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं और 5:20 बजे से दर्शन शुरू हो जाएंगे. मंदिर रात 11 बजे तक खुला रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस खास मौके का हिस्सा बन सकें.

श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम

देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है. तेज धूप और गर्मी से बचाने के लिए पूरे मार्ग पर कालीन और मैट बिछाए गए हैं. साथ ही पेयजल, चिकित्सा और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.

रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ सहित प्रमुख स्थानों पर बैरीकेडिंग की गई है. इसके अलावा सरयू घाट, राम की पैड़ी, कनक भवन और हनुमानगढ़ी जैसे प्रमुख स्थलों पर भी सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए खास प्रबंध किए गए हैं. राम मंदिर में जन्मोत्सव की शुरुआत सुबह 9 बजे पंचामृत से महाअभिषेक के साथ होगी, जो लगभग 11 बजे तक चलेगा. इसके बाद रामलला का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और उन्हें पीले वस्त्र पहनाए जाएंगे.

12 बजे के बाद होगा विशेष पूजन

पूर्वाह्न 11:45 बजे रामलला को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा. इसके बाद ठीक 12 बजे जन्म का पावन क्षण आएगा. जन्म के बाद पूजा, आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे. इसी दौरान सूर्य देव की किरणें रामलला के मस्तक पर तिलक करेंगी, जो इस आयोजन का सबसे खास और आकर्षक पल होगा.

जो भक्त अयोध्या नहीं पहुंच पाए हैं, वे भी इस दिव्य आयोजन को देख सकेंगे. जन्मोत्सव का सीधा प्रसारण टीवी और अन्य डिजिटल माध्यमों पर किया जाएगा, ताकि हर कोई इस पावन अवसर का हिस्सा बन सके.

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