अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच मिडिल ईस्ट में नए जंग का हुआ आगाज, जॉर्डन ने सीरिया पर किया हवाई हमला
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बीच मिडिल ईस्ट में जॉर्डन और सीरिया के बीच तनाव षुरू हो गया है. जॉर्डन ने जॉर्डन की सेना ने ‘जॉर्डन डिटरेंस’ ऑपरेशन के तहत उत्तरी सीमा पार कर सीरिया के अंदर ड्रग्स और हथियारों के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में पहले से ही तनाव का माहौल है. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अभी रुका हुआ है, लेकिन लेबनान-इजरायल सीमा पर छोटी-छोटी झड़पें जारी हैं. इसी बीच एक नया संघर्ष शुरू हो गया है. जॉर्डन ने सीरिया के अंदर हवाई हमले कर दिया है. इस कार्रवाई से क्षेत्र में नई चिंताएं बढ़ गई हैं.
जॉर्डन का सैन्य अभियान
जॉर्डन की सेना ने ‘जॉर्डन डिटरेंस’ नाम के विशेष अभियान के तहत सीरिया की उत्तरी सीमा पार कर हवाई हमले किए. हमले मुख्य रूप से ड्रग्स और हथियारों के ठिकानों पर हुए. जॉर्डन सरकार का कहना है कि ये हमले सुरक्षा की मजबूरी थे.
सीमा के पास पिछले कुछ समय से तस्करी बढ़ गई थी. ड्रग्स, हथियार और अवैध घुसपैठ की घटनाएं लगातार हो रही थी. इन गतिविधियों से जॉर्डन की सुरक्षा को खतरा महसूस हो रहा था. ऐसे में जॉर्डन ने सीधे सीरिया के अंदर जाकर इन नेटवर्क को निशाना बनाया.
हमले का मकसद
जॉर्डन का मुख्य लक्ष्य उन संगठित गिरोहों को खत्म करना है जो सीमा पार करके जॉर्डन में हमले या घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे. सरकारी बयान में कहा गया कि ये कार्रवाई किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि अपराधी तत्वों के खिलाफ है. फिर भी इस कदम से सीरिया में नई अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है.
जॉर्डन ने पहले भी किए हमले
मध्य पूर्व पहले ही कई मोर्चों पर उबाल पर है. इजरायल-लेबनान में तनाव, ईरान-अमेरिका के बीच ठहराव और सीरिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जॉर्डन का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जॉर्डन ने पहले भी सीमा सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई है, लेकिन इस बार हवाई हमलों के जरिए अंदर तक पहुंचना एक बड़ा कदम है. अगर ये तनाव बढ़ा तो पूरा इलाका फिर से अशांत हो सकता है. पड़ोसी देशों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है.
अभी तक दोनों तरफ से ज्यादा प्रतिक्रियाएं नहीं आई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय नजर इस घटना पर टिकी हुई है. जॉर्डन की यह कार्रवाई दिखाती है कि सुरक्षा के मुद्दे पर वह किसी भी हद तक जा सकता है.


