मई के महीने में ही दिल्ली में गिरे ओले, बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान का भी जारी हुआ अलर्ट
शनिवार (02 मई 2026) की रात राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के इलाकों में अचानक काले बादल छा गए। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर समेत कई जगहों पर तेज बारिश दर्ज की गई। आंधी-तूफान और तेज हवाओं ने लोगों को चौंका दिया।

नई दिल्ली: कई दिनों की भीषण गर्मी झेलने के बाद दिल्ली-NCR के लोगों को शनिवार रात अचानक राहत मिल गई। कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई और कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। मौसम के इस अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट आई, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रहने की चेतावनी दी है।
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर तेज बारिश
शनिवार (02 मई 2026) की रात राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के इलाकों में अचानक काले बादल छा गए। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर समेत कई जगहों पर तेज बारिश दर्ज की गई। आंधी-तूफान और तेज हवाओं ने लोगों को चौंका दिया। पिछले कई दिनों से 44°C तक पहुंचे तापमान के बाद यह बारिश बड़ी राहत लेकर आई।
IMD ने पहले ही दिल्ली के लिए 'येलो अलर्ट' और नोएडा व गाजियाबाद के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया था। विभाग ने शाम के समय भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई थी। अधिकारियों ने कहा था कि कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं।
अचानक क्यों बदला मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बदलाव की वजह सूखी पश्चिमी हवाओं और नमी से भरी पूर्वी हवाओं का टकराना है। इस टकराव से पूरे उत्तर-पश्चिमी भारत में तेज 'संवहनी गतिविधि' शुरू हो गई। इसी वजह से आंधी-तूफान बने।
हालांकि बारिश सभी जगह एक जैसी नहीं होगी। अनुमान है कि दिल्ली-NCR के 20 से 30 प्रतिशत, हरियाणा के 30 से 40 प्रतिशत, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 50 प्रतिशत तक जिलों में भारी बारिश या ओले पड़ सकते हैं। राडार तस्वीरों में भी इलाके के ऊपर घने बादल बनते दिखे थे।
जलभराव और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग से जुड़े अधिकारियों ने निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है। लोगों से अपील की गई है कि बिजली कड़कने के दौरान खुली जगहों पर न जाएं। मौसम प्रणाली के रुक-रुककर और तेज होने की आशंका है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
लू जैसे हालात से मिली राहत
यह बारिश दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी के बाद आई है। अप्रैल के आखिर में कुछ इलाकों में तापमान लगभग 44°C तक पहुंच गया था। 'हीट अलर्ट' जारी करना पड़ा था। लू जैसी स्थिति के कारण बिजली की मांग बढ़ गई थी और बाहर निकलना मुश्किल हो गया था।
हालांकि अप्रैल 2026 में रुक-रुककर आए 'पश्चिमी विक्षोभ' की वजह से बीच-बीच में राहत मिलती रही। इसी हफ्ते की शुरुआत में भी अच्छी बारिश हुई थी। उससे तापमान गिरा था और हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ था।
उतार-चढ़ाव वाले रहेंगे अगले कुछ दिन
गौरतलब है कि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्मी और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला अभी जारी रहेगा। उत्तर-पश्चिमी भारत में संवहनी गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखें। शाम तक मौसम लगातार बदल सकता है। आंधी-तूफान का सिलसिला रुक-रुककर चलने की आशंका है। इसलिए बिना जरूरी काम के घर से न निकलें और सुरक्षित रहें।


