युद्धविराम के बाद फिर बढ़ा अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, ट्रंप ने चेतावनी देते हुए हमले को बताया 'love tap'

अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ हरमुज में गोलीबारी हो गई है, जो 7 अप्रैल के युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर टकराव है. अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर हमला किया, जबकि ईरान ने नागरिक क्षेत्रों पर हमले का आरोप लगाया.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोलीबारी हो गई है. यह 7 अप्रैल को हुए नाजुक युद्धविराम के बाद दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर टकराव है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं.

होर्मुज में बढ़ा तनाव

गुरुवार को अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया. अमेरिका के मुताबिक, ये ठिकाने अमेरिकी जहाजों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. US Central Command ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से बचाव के लिए की गई और वॉशिंगटन किसी भी बड़े टकराव को नहीं बढ़ावा देना चाहता.

ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसकी हवाई हमले में नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया. ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि हमलों में दो जहाज भी प्रभावित हुए. घटना के बाद तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए, जिससे इलाके में नई चिंता फैल गई.

ट्रंप का सख्त चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी हमलावरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया.

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे जल्दी समझौते पर सहमत नहीं हुए तो हम उन्हें और भी ज्यादा जोरदार और हिंसक तरीके से जवाब देंगे.” हालांकि, ट्रंप ने इसे “love tap” (हल्का झटका) बताते हुए कहा कि युद्धविराम अभी भी लागू है. उन्होंने ईरान पर “हमारे साथ खेलने” का आरोप भी लगाया.

दोनों पक्ष टकराव नहीं चाहते

टकराव के बावजूद दोनों देश बड़े युद्ध से बचने के संकेत दे रहे हैं. ईरान ने कहा कि स्थिति अब सामान्य हो गई है. अमेरिका ने भी दोहराया कि वह क्षेत्र में तनाव नहीं बढ़ाना चाहता. तीन चरणों का प्रस्तावइस घटना के बीच अमेरिका ईरान को एक प्रस्ताव भेज चुका है, जिसका मकसद युद्ध को खत्म करना और खाड़ी क्षेत्र को स्थिर करना है. 

प्रस्ताव में तीन चरण बताए गए हैं कि स्थायी युद्धविराम, होर्मुज में तनाव कम करने के उपाय और 30 दिन की बातचीत, लेकिन प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज से निर्बाध नौवहन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिका की मांगों को पूरी तरह शामिल नहीं किया गया है. 

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.  वैश्विक चिंतास्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल और गैस का करीब एक-पांचवां हिस्सा ले जाता है. इस इलाके में अस्थिरता से अंतरराष्ट्रीय बाजार और क्षेत्रीय देशों में चिंता बढ़ गई है.

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