भारत-पाक मुकाबले पर ग्रहण, श्रीलंका ने पीसीबी को पत्र लिखकर बोलीं बड़ी-बड़ी बातें
श्रीलंका क्रिकेट ने पीसीबी से भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले के बहिष्कार के अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है.

श्रीलंका क्रिकेट ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले के बहिष्कार के अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है. आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सह-मेजबान के रूप में श्रीलंका ने पीसीबी को एक आधिकारिक पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि कोलंबो में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच से पाकिस्तान के हटने के फैसले से न सिर्फ टूर्नामेंट, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
भारत और पाकिस्तान मुकाबले को लेकर तैयारियां पूरीं
एसएलसी के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले के लिए सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं. मैच को लेकर होटल, ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जबरदस्त बुकिंग हुई थी, लेकिन पाकिस्तान के फैसले के बाद बड़ी संख्या में होटल बुकिंग रद्द कर दी गईं. इसका सीधा असर कोलंबो के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है. श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने चिंता जताते हुए कहा कि इस अहम मुकाबले के रद्द होने से टूर्नामेंट की व्यावसायिक संभावनाओं के साथ-साथ खेल से जुड़े समीकरण भी बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं.
श्रीलंका क्रिकेट ने अपने पत्र में पाकिस्तान के साथ पुराने रिश्तों और सहयोग का भी हवाला दिया है. एसएलसी ने याद दिलाया कि जब पाकिस्तान में सुरक्षा हालात को लेकर कई देश दौरा करने से पीछे हट रहे थे तब श्रीलंका ने खेल भावना और आपसी सम्मान को प्राथमिकता देते हुए कई बार पाकिस्तान का दौरा किया था. एसएलसी का कहना है कि उन्हीं सहयोगपूर्ण फैसलों की भावना को ध्यान में रखते हुए अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से मौजूदा निर्णय पर पुनर्विचार की अपेक्षा की जा रही है.
15 फरवरी को होना है मुकाबला
दरअसल, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बांग्लादेश को अंतिम समय में टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के फैसले का विरोध करते हुए शुरुआत में पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की बात कही थी. इसके बाद पीसीबी ने अपनी टीम की भागीदारी का फैसला पाकिस्तान सरकार पर छोड़ दिया. शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने सलमान अली आगा की कप्तानी में टीम को टी20 वर्ल्ड कप खेलने के लिए श्रीलंका जाने की मंजूरी तो दी लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने की अनुमति नहीं दी.
एसएलसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेजबान देश के रूप में उसने टूर्नामेंट के लिए सभी कमर्शियल, ऑपरेशनल, लॉजिस्टिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली हैं. हॉस्पिटैलिटी प्लानिंग से लेकर टिकट बिक्री तक हर पहलू पर व्यापक तैयारी की गई थी. पत्र में बताया गया कि भारत-पाकिस्तान मैच के टिकट पहले ही बिक चुके थे और इस मुकाबले को लेकर अभूतपूर्व दर्शक रुचि देखने को मिली थी.
श्रीलंका क्रिकेट ने चेतावनी दी है कि इतने बड़े और बहुप्रतीक्षित मुकाबले में किसी एक टीम की गैर-हाजिरी से न केवल आयोजकों को भारी आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि पर्यटन, स्थानीय कारोबार और व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसी वजह से एसएलसी ने पीसीबी से अपील की है कि वह इस फैसले पर फिर से गंभीरता से विचार करे.


