दिल्ली में बढ़ा सियासी पारा, राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने पहुंचे पंजाब CM भगवंत मान, राघव चड्ढा ने भी की मुलाकात
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर मौजूदा हालात पर चर्चा की. दिलचस्प बात यह रही कि कुछ समय पहले राघव चड्ढा भी राष्ट्रपति से मिले.

नई दिल्ली: पंजाब की राजनीति में इन दिनों तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. आम आदमी पार्टी को राज्यसभा में बड़ा झटका लगने के बाद अब मामला सीधे राष्ट्रपति तक पहुंच गया है. इसी कड़ी में मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर मौजूदा हालात पर चर्चा की, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद बनी स्थिति पर विस्तार से बात की. बताया जा रहा है कि यह मुद्दा अब पार्टी के लिए काफी गंभीर हो गया है. इस मुलाकात के समय पंजाब के कई विधायक भी राजधानी में मौजूद थे. वे राष्ट्रपति भवन के पास इकट्ठा हुए और उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में उन्हें न्याय मिलेगा.
ਅੱਜ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਮਾਨਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਅਸੀਂ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੇ 'ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੇ ਕਤਲ' ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਗੈਰ-ਸੰਵਿਧਾਨਕ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਤੋੜਨਾ ਅਤੇ ED-CBI ਵਰਗੀਆਂ ਕੇਂਦਰੀ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਦਾਗੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਭਾਜਪਾ ਦੀ 'ਵਾਸ਼ਿੰਗ ਮਸ਼ੀਨ' ਵਿੱਚ ਸਾਫ਼ ਕਰਨਾ ਸਾਡੇ… pic.twitter.com/9pBxuaoExl
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 5, 2026
बैठक से पहले का बयान
राष्ट्रपति से मिलने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने मजबूती से रखेंगे.
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਤੇ ਹਿੱਤਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਸਾਡਾ ਸੰਘਰਸ਼ ਨਿਰੰਤਰ ਜਾਰੀ ਹੈ।
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 5, 2026
ਅੱਜ 'ਆਪ' ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਨਾਲ ਮਿਲ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਭਖਦੇ ਮੁੱਦਿਆਂ 'ਤੇ ਚਰਚਾ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦੀ ਬੁਲੰਦ ਆਵਾਜ਼ ਮਾਣਯੋਗ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਜੀ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖਣ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਹੋਏ ਹਾਂ।
ਤੁਹਾਡਾ ਲੋਕ ਸੇਵਕ ਹੋਣ ਦੇ ਨਾਤੇ, ਸਾਡੀ ਸਰਕਾਰ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ ਅਤੇ ਹਰ… pic.twitter.com/tbWeEeolQj
इन नेताओं ने झोड़ी थी पार्टी
हाल ही में आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी और दूसरी पार्टी का रुख कर लिया. इनमें अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता जैसे नाम शामिल हैं. इन नेताओं के जाने के बाद राज्यसभा में पार्टी की स्थिति काफी कमजोर हो गई है. पहले पार्टी के पास 10 सीटें थीं, अब यह संख्या घटकर केवल 3 रह गई है.


