20 साल तक लोगों के घरों में किया काम, अब बनी बंगाल की विधायक कौन हैं कलिता माजी?

कलिता माजी को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने जनता के भरोसे पर खरा उतरते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को बड़े अंतर से हरा दिया है.

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Edited By: JBT Desk

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के ऑसग्राम (एससी) विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो भारतीय लोकतंत्र की ताकत को नए रूप में दिखाती है. बता दें, यहां से कलिता माजी  ने जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है. खासतौर पर  एक समय घर-घर जाकर बर्तन साफ करने और मामूली आय से परिवार चलाने वाली कलिता माजी अब विधायक बन गई हैं.

20 साल तक किया घर का काम 

कलिता माजी को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने जनता के भरोसे पर खरा उतरते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को बड़े अंतर से हरा दिया है. चुनाव में उन्हें 1 लाख से अधिक वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को करीब 12 हजार से ज्यादा मतों से शिकस्त दी.

जानकारी के अनुसार, कलिता माजी पिछले करीब 20 वर्षों से घरेलू कामगार के रूप में काम कर रही थीं. वे 2-4 घरों में सफाई और बर्तन धोने का काम करती थीं, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 2,500 रुपये थी. इसी आय से उन्होंने अपने परिवार का पालन-पोषण किया. हालांकि इन सीमित संसाधनों और संघर्षों के बावजूद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और लगातार मेहनत करती रहीं.

पिछली बार नहीं मिल पाई जीत 

कलिता माजी की यह जीत अचानक नहीं आई है. वह पिछले एक दशक से अधिक समय से राजनीतिक रूप से सक्रिय रही हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बूथ स्तर की कार्यकर्ता के रूप में की थी और बाद में पंचायत चुनावों में भी भाग लिया. पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने उन पर भरोसा जताया था, जहां उन्होंने करीब 41 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, हालांकि तब वे हार गई थीं.

घर-घर जाकर किया प्रचार 

इस बार उन्होंने घर-घर जाकर प्रचार किया और लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया. यही वजह रही कि उनकी सादगी और जमीनी जुड़ाव ने मतदाताओं को प्रभावित किया. जिसके बाद जनता ने उन्हें भारी समर्थन दिया और जीत दिलाई. कलिता माजी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि भारतीय लोकतंत्र में आम व्यक्ति भी अपने दम पर आगे बढ़ सकता है. उनकी कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं.

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