BJP की जीत के बाद खुले दुर्गा मंदिर के द्वार, आसनसोल में बदला माहौल

आसनसोल में वर्षों से बंद पड़ा दुर्गा मंदिर अब फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जीत के बाद मंदिर के दोबारा खुलने को इलाके में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

कोलकाता: आसनसोल स्थित वर्षों से बंद पड़ा दुर्गा मंदिर अब एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद इस मंदिर का पुनः खुलना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है.

कई वर्षों से विभिन्न कारणों से बंद यह मंदिर अब फिर से पूजा-अर्चना के लिए खुलने के बाद लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है. मंदिर खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पार्टी कार्यकर्ता यहां पहुंचे और इस मौके को खास तरीके से मनाया.

लंबे समय से सीमित थी पूजा-अर्चना

श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित यह मंदिर सालभर लगभग बंद रहता था. यहां नियमित पूजा नहीं होती थी और केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान ही इसे खोला जाता था.

चुनावी नतीजों के बाद खुला मंदिर

पश्चिम बर्धमान जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर बीजेपी की जीत के बाद मंदिर को दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया. इस फैसले के बाद इलाके में उत्साह का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचकर दर्शन करने लगे.

बंद होने की वजह और महत्व

मंदिर के लंबे समय तक बंद रहने के पीछे स्थानीय स्तर पर समुदायों के बीच तनाव और प्रशासनिक प्रतिबंध प्रमुख कारण रहे. ऐसे में इसका दोबारा खुलना लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण बन गया है.

विधायक ने निभाया वादा

कृष्णेंदु मुखर्जी, जो हाल ही में चुनाव जीतकर विधायक बने हैं, उन्होंने चुनाव के दौरान मंदिर को पूरे साल खुला रखने का वादा किया था. उन्होंने मंदिर पहुंचकर इसके दोबारा खुलने की प्रक्रिया में सहयोग भी दिया.

राजनीतिक बदलाव का प्रतीक

स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक बदलाव का भी प्रतीक बनकर उभरी है. चुनावी परिणामों के बाद क्षेत्र में नए माहौल की शुरुआत के रूप में इसे देखा जा रहा है.

चुनाव परिणाम और आंकड़े

विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बड़ा उलटफेर करते हुए तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया. पार्टी ने 293 में से 206 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी को 80 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा. ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत हो गया.

मतदान और आगे की प्रक्रिया

राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ, जिसमें 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया. “गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन” के चलते फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होगा, जबकि इसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे.

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