मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारतीय जहाज बना निशाना, सरकार ने हमले को बताया ‘अस्वीकार्य’

ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. ड्रोन या मिसाइल हमले की आशंका के बीच भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जबकि यह एक सप्ताह में दूसरी बड़ी घटना है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले एक मालवाहक जहाज के डूबने की घटना ने नई चिंता पैदा कर दी है. जहाज पर हुए हमले के बाद उसमें भीषण आग लग गई और कुछ ही समय में वह समुद्र में समा गया. इस घटना को लेकर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक जहाज पर ड्रोन या मिसाइल से हमला होने की आशंका जताई जा रही है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला है. वहीं, भारतीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं.

ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुआ हमला

सरकारी जानकारी के अनुसार, “हाजी अली” नाम का यह भारतीय झंडे वाला जहाज लकड़ी से बना मोटर चालित मालवाहक पोत था. यह जहाज सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह की ओर जा रहा था. 13 मई की सुबह जब यह जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ. हमला होते ही जहाज में आग लग गई और हालात तेजी से बिगड़ने लगे. बताया जा रहा है कि जहाज पर पशुओं को ले जाया जा रहा था और वह सामान्य व्यावसायिक यात्रा पर था.

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ा खतरा

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर के अनुसार, यह घटना ओमान के लिमाह क्षेत्र के पास हुई, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब स्थित है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक माना जाता है. इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस इलाके में पिछले कुछ समय से तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण व्यापारिक जहाजों पर खतरा बढ़ गया है.

ड्रोन या मिसाइल हमले की आशंका

ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड ने शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई है कि जहाज पर ड्रोन या मिसाइल से हमला किया गया हो सकता है. हालांकि अभी तक किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जहाज में अचानक लगी आग और विस्फोट के कारण इसे सामान्य दुर्घटना नहीं माना जा रहा. भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा कि व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं.

सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित

इस घटना में राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया. भारतीय मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि ओमान के अधिकारियों ने तुरंत राहत अभियान चलाया और सभी नाविकों को सुरक्षित डिब्बा पोर्ट पहुंचाया गया. सरकार लगातार स्थानीय प्रशासन और समुद्री एजेंसियों के संपर्क में बनी हुई है.

एक सप्ताह में दूसरी बड़ी घटना

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय जहाज के डूबने की यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी घटना है. इससे पहले 8 मई को “अल फैज नूरे-सुलेमानी” नाम का भारतीय झंडे वाला जहाज भी इसी क्षेत्र में हमले का शिकार हुआ था. वह जहाज दुबई से यमन जा रहा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस घटना के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात बने हुए थे और उसी दौरान जहाज डूब गया था. उस हादसे में भारतीय नाविक अल्ताफ केर की मौत हो गई थी, जबकि बाकी लोगों को कई घंटों बाद दूसरे जहाज की मदद से बचाया गया था.

समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

लगातार हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खासतौर पर मध्य पूर्व के समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा अब बड़ी चुनौती बनती जा रही है. भारत ने साफ किया है कि वह अपने नागरिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और इस तरह की घटनाओं पर करीबी नजर रखी जा रही है.

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