94 मैचों वाला आईपीएल: बीसीसीआई करेगी बड़ा बदलाव, फैंस के लिए आसान होगा फॉर्मेट
2028 में शुरू होने वाले नए मीडिया राइट्स साइकिल में IPL का स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल सकता है। अभी 10 टीमों को दो वर्चुअल ग्रुप में बांटा जाता है। लेकिन 94 मैचों वाले नए प्लान में हर टीम बाकी 9 टीमों से दो बार भिड़ेगी।

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग के फैंस के लिए बड़ी खबर है। BCCI 2028 से IPL को और बड़ा करने की तैयारी में है। प्लान के मुताबिक, लीग में 10 टीमें ही रहेंगी, लेकिन मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 कर दी जाएगी। IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने खुद इस रोडमैप की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का मकसद फॉर्मेट को फैंस और ब्रॉडकास्टर्स दोनों के लिए सिंपल बनाना है।
वर्चुअल ग्रुप सिस्टम होगा खत्म!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2028 में शुरू होने वाले नए मीडिया राइट्स साइकिल में IPL का स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल सकता है। अभी 10 टीमों को दो वर्चुअल ग्रुप में बांटा जाता है। लेकिन 94 मैचों वाले नए प्लान में हर टीम बाकी 9 टीमों से दो बार भिड़ेगी।
एक मैच घर में और एक बाहर। यानी पूरा होम-एंड-अवे वाला पुराना राउंड-रॉबिन फॉर्मेट वापस आएगा। IPL के 8 टीमों वाले दौर में यही फॉर्मेट चलता था। 10 टीमें होने के बाद टूर्नामेंट लंबा न हो, इसलिए ग्रुप सिस्टम लाया गया था। अब BCCI फिर से शुद्ध लीग फॉर्मेट पर लौटना चाहता है।
टीमें नहीं बढ़ेंगी, मैच बढ़ेंगे
IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने साफ किया कि फ्रेंचाइजी की संख्या 10 ही रहेगी। उन्होंने कहा, “मौजूदा टीमों के साथ हम सिर्फ मैचों की संख्या बढ़ा सकते हैं। अभी टीमों की संख्या बढ़ाना समझदारी नहीं है। अगर हमें होम और अवे बराबर मैच खेलने हैं तो 74 से 94 पर जाना ही सबसे अच्छी स्थिति होगी।”
इंडियन प्रीमियर लीग चेयरमैन अरुण धूमल ने पिछले साल भी यही बात कही थी। उनका मानना है कि 12 टीमें करने से टैलेंट पूल कमजोर होगा। अभी 10 फ्रेंचाइजी के बीच ही घरेलू खिलाड़ी बंटे हुए हैं। ज्यादा टीमों से क्वालिटी पर असर पड़ेगा।
ICC की विंडो पर अटका है मामला
94 मैचों का प्लान तुरंत लागू करना मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह ICC का फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम है। 2027 तक द्विपक्षीय सीरीज का कैलेंडर पहले से फिक्स है। अभी BCCI के पास IPL के लिए सिर्फ 60-65 दिन की विंडो होती है। इसमें बिना डबल-हेडर के 94 मैच कराना नामुमकिन है।
डबल-हेडर यानी एक दिन में दो मैच। ब्रॉडकास्टर्स इसे पसंद नहीं करते। इससे व्यूअरशिप बंट जाती है और एड रेवेन्यू घटता है। धूमल ने बताया, “मैच 74 से 94 करने के लिए हमें बड़ी विंडो चाहिए। हम 2027 के बाद के द्विपक्षीय चक्र में ढाई महीने की विंडो की तलाश में हैं। अगर वो मिल गई तो 94 मैच पक्के हैं।”


