सड़क किनारे पेशाब करते ही दिख जाएगा अपना चेहरा! मैसूर की मिरर वॉल का अनोखा तरीका वायरल

कर्नाटक के मैसूर प्रशासन ने एक ऐसा शानदार उपाय निकाला है जिस पर पूरे इंटरनेट पर जोरदार चर्चा छिड़ गई है. लोगों को सार्वजनिक दीवारों पर पेशाब करने से रोकने के लिए अब पूरे मैसूर शहर में बड़े-बड़े शीशे लगाए गए हैं.

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Edited By: JBT Desk

New Delhi: 'स्वच्छ भारत' का सपना तभी पूरा हो सकता है जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारियों को समझे और उन्हें निभाए. भारत में सफाई बनाए रखना लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है खासकर जब बात सार्वजनिक दीवारों को गंदगी और पेशाब के दागों से मुक्त रखने की हो.

मैसूर प्रशासन का शानदार उपाय

कर्नाटक के मैसूर प्रशासन ने एक ऐसा शानदार उपाय निकाला है जिस पर पूरे इंटरनेट पर जोरदार चर्चा छिड़ गई है. लोगों को सार्वजनिक दीवारों पर पेशाब करने से रोकने के लिए अब पूरे मैसूर शहर में बड़े-बड़े शीशे लगाए गए हैं.

खुले में पेशाब करें और अपनी इज्जत गंवाएं

भारत के हर शहर की सड़कों पर कहीं न कहीं एक ऐसी जगह जरूर मिल जाती है जहां लोग खुले में पेशाब करते हैं. भले ही कोई तय जगह न हो, लोग अक्सर अपने लिए पेशाब करने की कोई न कोई जगह ढूंढ ही लेते हैं. इस आदत से आने-जाने वाले दूसरे लोगों खासकर महिलाओं को काफी परेशानी और दिक्कत होती है.

लोगों की सोच में बदलाव लाना

इस समस्या को असरदार तरीके से हल करने के लिए लोगों की सोच में बुनियादी बदलाव लाना बेहद जरूरी है. कर्नाटक के मैसूर प्रशासन को एक ऐसी अनोखी तरकीब सूझी है जो लोगों को खुले में पेशाब करने से पहले कई बार सोचने पर मजबूर करती है. यह एक ऐसा विचार है जिसे जनता के बीच जबरदस्त लोकप्रियता मिली है. जैसे ही इस पहल के वीडियो वायरल हुए, लोगों ने सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणियों और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी.

 प्रशासन ने लगाई शीशे वाली दीवारें

खाली दीवारों के पास खुले में पेशाब करने की आदत पर रोक लगाने और उससे आने वाली बदबू को खत्म करने के मकसद से शुरू की गई एक अनोखी पहल के तहत मैसूर नगर निगम ने मैसूर सेंट्रल बस स्टैंड के पास एक खास 'शीशे वाली दीवार' परियोजना शुरू की है.

इस परियोजना के तहत बेहद चमकीली स्टेनलेस स्टील की चादरें जो बिल्कुल असली शीशों जैसी दिखती हैं, ग्रामीण बस स्टैंड के ठीक सामने बनी 80 मीटर लंबी दीवार पर लगाई गई हैं. इन चमकीली सतहों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दीवार के सामने खड़ा कोई भी व्यक्ति न सिर्फ अपनी परछाई साफ-साफ देख सकता है बल्कि आस-पास मौजूद दूसरे लोगों को भी साफ-साफ दिखाई देता है.

इस तरह से सबके सामने आ जाने का मकसद लोगों के मन में झिझक और डर पैदा करना है ताकि वे खुले में पेशाब करने से परहेज करें. इन चमकीली सतहों के चारों ओर LED लाइटें भी लगाई गई हैं जो शाम के समय स्ट्रीटलाइटों के साथ अपने-आप जल उठती हैं. 

सिविक सेंस जरूरी

वीडियो के वायरल होने के बाद सिविक सेंस खास तौर पर सार्वजनिक जगहों पर पेशाब करने की हरकत को लेकर भी एक बहस छिड़ गई है. 'X' पर इस वीडियो पर टिप्पणी करते हुए, एक यूज़र ने कहा कि 'चुनिंदा विकास' की कोई जरूरत नहीं है बल्कि, लोगों को असल में जिस चीज की जरूरत है वह है सिविक सेंस.

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