मनाली में दिखा जीरो सिविक सेंस, चार्जिंग प्वाइंट को लोगों ने बनाया डस्टबिन, देखें वीडियो
हिमाचल सरकार ने मनाली के मॉल रोड के पास पर्यटकों के लिए एक मोबाइल चार्जिंग स्टेशन लगाया था. हालांकि पर्यटकों ने इसे कूड़ेदान बना दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

हिमाचल: हिमाचल में अपनी खूबसूरत वादियों के लिए मशहूर मनाली के मॉल रोड से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. बता दें, हिमाचल सरकार ने मनाली के मॉल रोड के पास पर्यटकों के लिए एक मोबाइल चार्जिंग स्टेशन लगाया था. इसका मकसद आने वाले पर्यटकों को सुविधा देना था, ताकि उन्हें अपने फोन चार्ज करने में कोई दिक्कत न हो लेकिन लोगों ने इसे कूड़ेदान बना दिया है. वहीं चार्जिंग स्टेशन की खराब हालत दिखाने वाले इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही लोगों ने पर्यटकों की ऐसी हरकत को लेकर गुस्सा जाहिर किया है, जिसे बाद से यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया है.
चार्जिंग स्टेशन की दिखी बुरी हालत
एक्स पर निखिल सैनी नाम के एक यूजर ने लोगों के इस तरह के बर्ताव को लेकर कई सवाल उठाते हुए एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने अपने अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा चार्जिंग स्टेशन के आस-पास रैपर, कप और दूसरा कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है, जिससे इस सुविधा का असल मकसद ही पूरी तरह से खत्म हो जाता है. वहीं वीडियो में, चार्जिंग स्टेशन कूड़े के ढेर के नीचे पूरी तरह से दबा हुआ नजर आता है.
Himachal govt installs a charging point in Manali for tourists to charge phones and gadgets, and within hours people turn it into a dustbin. No Swachh Bharat or any scheme can fix this nation, only an iron fist policy can bring change. pic.twitter.com/EyTuv0eqn2
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) May 2, 2026
उन्होंने लिखा कि हिमाचल सरकार ने मनाली में पर्यटकों के मोबाइल फोन और गैजेट्स चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट्स लगाए थे लेकिन महज़ कुछ ही घंटों के भीतर लोगों ने उन्हें कूड़ेदान बना दिया. उन्होंने आगे यह सवाल भी उठाया कि जब लोगों के बुनियादी नागरिक व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आता, तो स्वच्छता जैसे अभियानों की सफलता को लेकर संदेह पैदा होना स्वाभाविक है.
सिविक सेंस की कमी
बता दें, पर्यटकों की इस हरकत के बाद, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. सिर्फ कूड़ा फेंकने की बात से आगे बढ़ते हुए, एक यूजर ने लिखा “लोग यह मानने को तैयार ही नहीं हैं कि सफाई उनकी अपनी ज़िम्मेदारी है. उन्हें लगता है कि कोई और आएगा और सफाई कर देगा.” इस मुद्दे को हिल स्टेशनों पर बढ़ते दबाव से जोड़ते हुए, एक अन्य व्यक्ति ने टिप्पणी की “बहुत ज्यादा टूरिस्ट, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और नियमों का बिल्कुल भी डर न होना, इन हालात को देखते हुए, ऐसा नतीजा तो होना ही था.”
एक अन्य यूजर ने कमेंट करते हुए सवाल उठाया "क्या लोग अपने घरों में भी ऐसा ही करते हैं?” वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि ज्यादातर लोगों में सिविक सेंस की कमी होती है और फिर वे अपनी ही गलतियों के लिए दूसरों को खासकर सरकार को दोष देते हैं. सोशल मीडिया के कई यूजर्स ने यह भी बताया है कि अक्सर स्थानीय लोगों को पर्यटकों द्वारा फेंका गया कूड़ा उठाते हुए देखा जाता है. मनाली में लगाया गया मोबाइल चार्जिंग पॉइंट अब केवल एक असफल सुविधा का मामला नहीं रह गया है. यह घटना अब एक बड़े सामाजिक मुद्दे का प्रतीक बन गई है.


