केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन समेत 24 अहम मुद्दों पर सरकार करेगी चर्चा, जानें कब होगी बैठक

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है. 11 मई 2026 को नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की 49वीं बैठक आयोजित होने जा रही है. बैठक में 24 महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया जाएगा.

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Edited By: JBT Desk

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है. 11 मई 2026 को नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. बता दें, यह बैठक कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ के कैबिनेट सचिवालय में दोपहर 3 बजे से शुरू होगी.

किन विषयों पर होगी चर्चा 

बैठक में करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स से जुड़े 24 महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया जाएगा. इनमें वेतन विसंगतियां, प्रमोशन, मेडिकल सुविधाएं, पेंशन बढ़ोतरी और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे मुद्दे प्रमुख हैं. कर्मचारियों की मांग है कि अस्पतालों में इलाज पर होने वाले वास्तविक खर्च का पूरा मुआवजा दिया जाए. क्योंकि मौजूदा पैकेज दरों से अधिक भुगतान का बोझ कर्मचारियों पर पड़ता है. इसके साथ ही दांतों के इलाज, डेंचर और इम्प्लांट के खर्च को भी सरकारी मुआवजा के दायरे में लाने की मांग की गई है.

पेंशनर्स के लिए क्या खास 

पेंशनर्स के लिए भी कई अहम प्रस्ताव रखे जाएंगे. इनमें 65, 70 और 75 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन शुरू करने का सुझाव शामिल है. साथ ही CGHS सुविधा से बाहर रहने वाले पेंशनर्स के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की जाएगी. बैठक में पारिवारिक पेंशन से जुड़े नियमों पर भी चर्चा होगी. विधवा बहू को परिवार की परिभाषा में शामिल कर पेंशन का अधिकार देने और फैमिली पेंशन को मौजूदा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा जाएगा.

प्रमोशन के लिए की गई ये मांगे 

इसके अलावा प्रमोशन में देरी होने पर कर्मचारियों को पुरानी तारीख से लाभ देने, अनुकंपा नियुक्ति पर लगी 5 प्रतिशत सीमा हटाने और न्यूनतम सेवा अवधि कम करने जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं. संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग पर भी सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच चर्चा होने की संभावना है. अब सभी की नजर इस बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसके फैसले लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की जिंदगी पर सीधा असर डाल सकते हैं. 

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