घातक हंतावायरस से प्रभावित जहाज पर सवार 2 भारतीय चालक दल के सदस्य, स्थिति अज्ञात

घातक हंतावायरस से प्रभावित क्रूज जहाज पर सवार 2 भारतीय चालक दल के सदस्यों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अटलांटिक महासागर में एक लग्जरी एक्सपीडिशन शिप पर सवार 149 लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. जहाज पर दो भारतीय क्रू मेंबर भी मौजूद हैं. जहाज पर अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोग हंतावायरस से संक्रमित पाए गए हैं.

दुर्लभ और खतरनाक वायरसों में एक हंतावायरस 

यह वायरस दुनिया के सबसे दुर्लभ और खतरनाक वायरसों में गिना जाता है. एमवी होंडियस नाम के इस अभियान पोत का संचालन डच कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स करती है. कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, जहाज पर 23 देशों के लोग सवार हैं. इनमें ज्यादातर पर्यटक हैं, जो ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी और स्पेन से आए हैं. चालक दल में फिलीपींस, यूक्रेन, नीदरलैंड और पोलैंड के नाविक और सहायक स्टाफ शामिल हैं.

इसी सूची में दो भारतीयों के नाम भी सामने आए हैं. कंपनी ने उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि कर दी है, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति या पद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. जहाज पर मौजूद बाकी लोगों की तरह उनके भी हंतावायरस की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है. हंतावायरस आमतौर पर चूहों और अन्य कृंतकों के संपर्क से फैलता है. इसके लक्षण बुखार, सांस लेने में दिक्कत और अंगों के फेल होने तक जा सकते हैं.

विशेषज्ञों का क्या कहना है? 

विशेषज्ञों के अनुसार, बंद और सीमित जगहों पर इसका संक्रमण तेजी से फैल सकता है. ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स ने जहाज पर मेडिकल सहायता और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की बात कही है. हालांकि, अटलांटिक के बीच में फंसे होने के कारण त्वरित मदद पहुंचाना मुश्किल हो रहा है. घटना के बाद से जहाज पर सवार यात्रियों और उनके परिजनों में बेचैनी है. भारतीय दूतावास भी मामले पर नजर बनाए हुए है.

अब तक कंपनी ने दो भारतीय क्रू मेंबर्स की पहचान या संपर्क विवरण साझा नहीं किया है. समुद्र में फंसे इस जहाज की स्थिति और हंतावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर है.

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