पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का AI वीडियो शेयर कर विवादों में घिरे डोनाल्ड ट्रंप, आलोचनाओं के बाद वीडियो डिलीट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट—दोनों दलों की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल से वह वीडियो हटा दिया, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा को बंदरों के रूप में दिखाया गया था.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन अपने कारनामों और दिए गए बयानों के कारण विवादों में घिरे रहते है. हाल ही में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा का एक वीडियो शेयर किया जिसमे वे बंदरो के रूप में दिख रहे है.

ट्रंप ने यह वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल से शेयर किया था जिसके बाद उन्हें लोगो की आलोचन का सामना करना पड़ा. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट- दोनों ही दलों ने इस वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप सरकार की निंदा की. जिसके बाद ट्रंप ने यह वीडियो अपने अकाउंट से हटा दिया। 

क्या था विवादित वीडियो में

डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात करीब एक मिनट का एक वीडियो साझा किया था. इसमें बराक ओबामा और मिशेल ओबामा की तस्वीरों को बंदरों के शरीर पर चिपकाकर दिखाया गया था. वीडियो में 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर यह निराधार दावा दोहराया गया कि डोमिनियन वोटिंग सिस्टम ने चुनाव में धांधली करने में मदद की थी.

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वीडियो की पृष्ठभूमि में 'द लायन स्लीप्स टुनाइट' गाना बज रहा था. यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और नस्लवाद के आरोप लगने लगे. नागरिक अधिकार नेताओं से लेकर सांसदों और वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों तक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसके बाद व्हाइट हाउस को सफाई देनी पड़ी और अंततः वीडियो डिलीट कर दिया गया.

व्हाइट हाउस की सफाई और यू-टर्न

व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बाद में कहा कि यह वीडियो गलती से एक कर्मचारी द्वारा पोस्ट हो गया था. हालांकि शुरुआत में प्रशासन ने इस पोस्ट का बचाव किया, लेकिन जब वरिष्ठ रिपब्लिकन नेताओं सहित हर तरफ से निंदा शुरू हुई, तो वीडियो को हटा लिया गया.

प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पहले आलोचनाओं को "झूठा आक्रोश" करार दिया था, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद वीडियो डिलीट कर दिया गया. नागरिक अधिकार संगठनों और सांसदों ने इसे खुला नस्लवाद बताया.

गैविन न्यूजॉम और अन्य नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

इस वीडियो की कई जानी-मानी हस्तियों ने निंदा की. कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने ट्रंप के व्यवहार को “घिनौना” बताया. न्यूजॉम ने रिपब्लिकन नेताओं से इस मुद्दे पर खुलकर बोलने की अपील की.

उन्होंने X पर लिखा,"राष्ट्रपति का यह व्यवहार घिनौना है. हर रिपब्लिकन को इसकी निंदा करनी चाहिए. अभी."
बेन रोड्स का बयान पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बेन रोड्स, जिन्होंने बराक ओबामा के साथ काम किया है, ने भी ट्रंप और उनके समर्थकों पर तीखा हमला बोला. रोड्स ने कहा कि ट्रंप को इतिहास में एक “धब्बे” के रूप में याद किया जाएगा.

उन्होंने X पर पोस्ट किया,"ट्रम्प और उनके नस्लवादी समर्थकों को इस बात से परेशान होना चाहिए कि भविष्य के अमेरिकी ओबामा परिवार को प्रिय हस्तियों के रूप में स्वीकार करेंगे, जबकि उन्हें हमारे इतिहास पर एक धब्बा मानेंगे."

पहले भी एआई-जनित विवादित वीडियो

यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप पर अश्वेत राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने के आरोप लगे हों. इससे पहले भी वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से बने वीडियो साझा कर चुके हैं.

पिछले साल उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें बराक ओबामा को ओवल ऑफिस में गिरफ्तार होते और नारंगी जंपसूट में सलाखों के पीछे दिखाया गया था. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज़ को एआई-जनित छवियों में नकली मूंछ और सोम्ब्रेरो पहने हुए विकृत रूप में दिखाया गया था.

ओबामा का राजनीतिक समर्थन और ताजा विवाद

अमेरिकी इतिहास के एकमात्र अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के खिलाफ कमला हैरिस का समर्थन किया था. ओबामा परिवार को लेकर हालिया पोस्ट ने एक बार फिर ट्रंप पर नस्लवाद के आरोपों को हवा दे दी है.

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