सुवेंदु अधिकारी को हटाकर कोई नया चेहरा? शपथ समारोह से पहले खुद बंगाल पहुंच रहे अमित शाह, CM की रेस में हो सकती है उलटफेर

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद सीएम पद पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. 9 मई को होने वाले इस समारोह से पहले 8 मई को अमित शाह भाजपा विधायकों की बैठक में शामिल होंगे.

Sonee Srivastav

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद नई सरकार बनाने की तैयारियां तेज हो गई है. शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे होने की संभावना है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बंगाल दौरा सबसे ज्यादा चर्चा में है.

अमित शाह का अहम दौरा

भाजपा ने अमित शाह को बंगाल के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है. 8 मई को भाजपा विधायकों की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला हो सकता है. अमित शाह के इस दौरे को पार्टी के इतिहास में खास माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, शाह न सिर्फ बैठक की अध्यक्षता करेंगे बल्कि मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के चयन में भी अहम भूमिका निभाएंगे.

सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे

भाजपा में मुख्यमंत्री पद की रेस में सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है. उन्होंने इस चुनाव में ममता बनर्जी को दो सीटों- नंदीग्राम और भवानीपुर से हराया है. पहले भी वे नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं और पार्टी में उनका कद काफी बड़ा है. कई नेता उन्हें बंगाल का पहला भाजपा मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. 

फिर क्यों उठ रहे सवाल?

अमित शाह जैसे बड़े नेता को पर्यवेक्षक बनाकर भेजने से कुछ नेताओं में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पार्टी कोई सरप्राइज फैसला ले सकती है. भाजपा पहले भी कई राज्यों में अप्रत्याशित नामों को मुख्यमंत्री बनाकर चौंकाया है. हालांकि बंगाल की स्थिति थोड़ी अलग है. यहां स्थानीय नेतृत्व और पार्टी के भविष्य को देखते हुए फैसला लिया जाएगा.

शपथ ग्रहण की तैयारियां

9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के दिन शपथ ग्रहण का कार्यक्रम रखा जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत कई बड़े नेता इस मौके पर मौजूद रह सकते हैं. भाजपा की कोशिश है कि बंगाल में अपना पहला सरकार बनाने का यह कार्यक्रम यादगार बने. 

अभी तक सुवेंदु अधिकारी ही मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार बने हुए हैं, लेकिन अमित शाह की बैठक के बाद आखिरी फैसला सामने आ जाएगा. बंगाल की जनता और पूरे देश की नजरें अब 8 मई की बैठक पर टिकी हैं.

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